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Saturday, February 18, 2012

नारी

बचपन से सुना है
इस देश में कभी
माना जाता था
नारी को पूजा जाता था
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते
रमन्ते तत्र देवता
इस वाक्य को बचपन में
बार बार पढाया जाता था
पूजा होती लेकिन कब थी
ये आज तक समझ में नहीं आया
रामायण काल में सीता को
अग्नि परीक्षा में झुलसाया
महाभारत की लड़ाई में
द्रोपदी के चीरहरण ने शीश झुकवाया
कहते हैं अधिकार था
वर चयन का उस समय में
पर सती के चयन को दक्ष ने ठुकराया
मैत्रयी याग्वाल्क्य वाद विवाद
जैसे जैसे गहराया
उस समाज में छिपी
कलुषित वृत्ति को सामने लाया
था इतिहास का स्वर्ण युग
गुप्त काल को वो समय था
रामगुप्त ने दे ध्रुवस्वामिनी
अपना राज्य बचाया
उसके बाद की कहानी
सबको पता है
स्त्रियों को रख कैद में
हमने यह संसार रचा है