बचपन से सुना है
इस देश में कभी
माना जाता था
नारी को पूजा जाता था
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते
रमन्ते तत्र देवता
इस वाक्य को बचपन में
बार बार पढाया जाता था
पूजा होती लेकिन कब थी
ये आज तक समझ में नहीं आया
रामायण काल में सीता को
अग्नि परीक्षा में झुलसाया
महाभारत की लड़ाई में
द्रोपदी के चीरहरण ने शीश झुकवाया
कहते हैं अधिकार था
वर चयन का उस समय में
पर सती के चयन को दक्ष ने ठुकराया
मैत्रयी याग्वाल्क्य वाद विवाद
जैसे जैसे गहराया
उस समाज में छिपी
कलुषित वृत्ति को सामने लाया
था इतिहास का स्वर्ण युग
गुप्त काल को वो समय था
रामगुप्त ने दे ध्रुवस्वामिनी
अपना राज्य बचाया
उसके बाद की कहानी
सबको पता है
स्त्रियों को रख कैद में
हमने यह संसार रचा है